ये कपिल सिब्बल जी का करिश्मा है |कहते है कि पुरे देश में सिलेबस एक समान कर देने के बाद ऐसा संभव है कि सिर्फ एक Aptitude टेस्ट देकर IIT में admission लिया जा सके |इससे सभी राज्यों को एक समान मौका मिलेगा | सिब्बल जी यहाँ भी राजनीति करने से नहीं चूके | क्या सिब्बल जी देश कि जनता को ये भी आश्वस्त कर पाएंगे कि सिलेबस एक समान कर देने से पुरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में एक समान सुविधाएं भी मिलनी शुरू हो जाएगी |जी हाँ, ऐसे सवाल के जबाब में सिब्बल जी को सांप सूंघ जायेगा | सिब्बल जी ये ज़रूरी नहीं है कि, अगर एक स्टुडेंट को बारहवीं में अच्छे अंक नहीं आते है, तो वह कभी भी IIT जैसे संस्थान का हिस्सा नहीं बन सकता | इसका जीता जागता उदाहरण Super thirty जैसे संस्थान है जिनके शत प्रतिशत स्टुडेंट इसी साल IIT में पास हुए हैं, जरा पता तो कर के देखिये कि सभी स्टुडेंट बारहवीं में कहीं स्टेट Topper तो नहीं हैं | शायद नहीं | इस बात से आप जैसे राजनीतिज्ञ अच्छी तरह वाकिफ होंगे |
शायद मैं सही सोच रहा हूँ | आप पूर्वाग्रह से ग्रसित है | आपकी सोच कुंठित है | आप जैसे राजनीतिज्ञ को IIT जैसे संस्थान कि मर्यादा और प्रतिष्ठा से क्या लेना देना है | आपको तो राजनीति करना है | सारे राज्यों से vote चाहिए |फिर चाहे वह देश के लाखों मिहनती छात्रों के उम्मीदों और संभावनाओं को रौंद कर ही क्यों न मिले | IIT कि शान को मिट्टी पलीद ही क्यों न करना पड़े |
देश कि जनता ये भूल क्यों जाती है कि, आपकी ही सरकार के एक मंत्री महोदय ने कुछ दिन पहले AIIMS को राजनीति का अखाड़ा बना दिया था सिर्फ अपनी झूठी शान के खातिर | एक सम्मानित डॉक्टर, जिसने कि अपनी पूरी कि पूरी जिन्दगी AIIMS कि सेवा में अर्पित कर दिया था उसे भी नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ा, और उस वक़्त आपकी सरकार तमाशा देख रही थी |आज कि तारीख में AIIMS कि हालत किसी से छुपी नहीं है |
अगर देश कि शान को बचाए रखना है तो उसे , ऐसे राजनीतिज्ञों के कुद्रिष्टि से आजाद करना होगा |जय हिंद |