जी हाँ, मैं आपके दर्द को समझ सकता हूँ | सिर्फ एक साल पहले कि बात है जब पूरा का पूरा norh बिहार कुदरत के इसी त्रासदी का शिकार हुआ था | कोशी कि विनाशलीला ने सब कुछ अपने में समा लिया था |आज तक बिहार उस त्रासदी से पूरी तरह उबर नहीं पाया है |
यूँ तो पंजाब और हरियाणा में संपन्नता और विपन्नता के बीच खाई बहुत चौड़ी है, उम्मीद है कि लोग बहुत जल्द इस समस्या से निजात पा लेंगे, लेकिन एक बात जो टी.वी का लाइव टेलीकास्ट देखने के बाद समझ में आई वो ये कि प्रकृति कि मार के आगे किसी कि नहीं चलती |लोग उसी तरह उदास ,हताश,परेशान और , सरकारी मदद कि आस में उम्मीद लगाये बैठे थे, जैसे पिछले साल बिहार में |और सरकार अचानक आयी इस समस्या से निबटने में पूरी तरह असमर्थ थी | दाद देनी होगी इनसानी जिजीविषा कि, की लोग इतनी विपरीत परिस्थिति में अपनी समस्या से खुद व खुद निबट लेते हैं |
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